बीकानेर hellobikaner.in अपना घर वृद्धाश्रम के द्वारा यहां आवासित एक वृद्व भगवानदास को उनके परिवार तक पहुंचाया गया है। वृद्धाश्रम के संस्थापक अशोक कुमार मूँधड़ा ने बताया कि अपना घर वृद्धाश्रम में अपने परिवार से बिछड़े लाचार व बेसहारा हालात में मिलने वाले आवासितों को उनके परिवार से मिलवाने की मुहिम में लगा है।

उन्होंने बताया कि आश्रम में निवास कर रहे भगवानदास के परिवार को तलाश कर उन्हें उनके परिजनों से मिलवाया। भगवानदास लगभग बीस वर्ष पूर्व अपने परिवार से बिछड़ गए थे और उनकी मानसिक हालत सही नहीं थी।

मूंधड़ा ने बताया कि वर्ष 2016 में प्रभु भगवानदास को किसी समाज सेवी द्वारा रेलवे स्टेशन, नोखा पर गंभीर रूप अवस्था में पाया गया तो उनको अपना घर आश्रम नोखा में भर्ती करवाया गया। इसके बाद भगवान दास का स्थानांतरण अपना घर वृद्धश्रम, बीकानेर कर दिया गया तथा इलाज से भगवान दास की हालात में सुधार होने लगा। इलाज उपरान्त एक सर्वे के दौरान भगवानदास ने अपना गाँव मउरानीपुर, जिला झाँसी बाताया।

आश्रम के कार्यालय प्रभारी ज्ञानसिंह द्वारा झाँसी पुलिस को सूचना दी गई और उनके बारे में जानकारी की खोजी गई। पुलिस की मदद से भगवानदास के भाई घनश्याम से संपर्क किया गया। भगवानदास के जिन्दा होने की सूचना मिलते ही उनके भाई घनश्याम तुरंत उनको लेने के लिए अपना घर वृद्धाश्रम, बीकानेर पहुंचे। भगवान दास को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक एल.डी.पंवार की उपस्थिति में अपने भाई से मिलवाया गया। इस मौके पर रमेश राठी, ज्ञानसिंह तथा कार्यलय स्टाफ उपस्थित रहे।