बीकानेर। hellobikaner.in नई पीढ़ी में रचनात्मक और सकारात्मक के विकास को केंद्र में रखकर अणुव्रत आंदोलन की प्रतिनिधि संस्था अणुव्रत विश्व भारती द्वारा पूरे देश में अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट के नाम से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। गायन, चित्रकला, भाषण, कविता व निबंध लेखन जैसी रचनात्मक विधाओं में होने वाली इन प्रतियोगिताओं में तीन वर्गों में कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

 

उल्लेखनीय है कि इनमें से कुछ प्रतियोगिताएं पिछले 25 वर्षों से आयोजित की जा रही है लेकिन कोरोना जनित परिस्थितियों के चलते पहली बार इन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया गया। बीकानेर की संयोजिका डॉ. नीलम जैन ने बताया कि यह प्रतियोगिता पूर्णतः निशुल्क थी। डॉ. नीलम जैन ने बताया कि 7 दशक पूर्व महान संत आचार्य श्री तुलसी द्वारा प्रवर्तित अणुव्रत आंदोलन मानवीय मूल्यों के समर्थन के लिए अपने बहुआयामी रचनात्मक प्रकल्प के माध्यम से निरंतर प्रयत्नशील है।

अणुव्रत दर्शन कि यह मान्यता है कि छोटे-छोटे व्रत स्वीकार कर व्यक्ति को सकारात्मक दिशा में अग्रसर कर सकता है और सुधरे व्यक्ति से ही समाज, राष्ट्र और विश्व सुधर सकता है । वर्तमान में अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण इस आंदोलन को अध्यात्मिक नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं और अहिंसा यात्रा के रूप में हजारों किलोमीटर की पदयात्रा करके जन-जन को नैतिकता और नशा मुक्ति का संदेश दे रहे हैं।

 

अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट की संयोजिका डॉ. नीलम जैन ने बताया कि सिटी लेवल पर  कुल 32 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ और कुल 18 प्रतियोगीयों का आगे स्टेट लेवल में चयन हुआ। उनमें से निबंध लेखन प्रतियोगिता के कक्षा 9 से 12 वर्ग में मिश्कत तंवर,  गायन प्रतियोगिता के कक्षा 9 से 12 वर्ग में लोपमुद्रा आचार्य, स्पीच प्रतियोगिता के कक्षा 6 से 8 वर्ग में शताक्षी पंडित व कक्षा 9 से 12 वर्ग में तेजस्वी मिगलानी और कविता लेखन प्रतियोगिता के कक्षा 3 से 5 वर्ग में हर्षिता राठौड़ व कक्षा 6 से 8 वर्ग में निरमा तर्ड का राष्ट्रीय स्तर में भी चयन हो गया है। बीकानेर के कुल 6 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है।

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