सादुलपुर hellobikaner.in (मदन मोहन आचार्य) पुष्करणा समाज के आचार्य जाति के उतपत्ति करता महापुरुष ब्रह्मा दादा का निर्वाण दिवस राजगढ़ सादुलपुर तारानगर मेंमनाया गया।

 

समस्त पुष्करणा ब्राह्मण समाज की आचार्य जाति के बन्धु कुल परम्परा से माघ शुक्ल सप्तमी को अपने घर के आंगन में सफेद मिट्टी से उनकी चित्र आकृति स्वरूप इक्कीस बट की चोटी बनाकर ब्रह्मा दादा के लापसी,बेर,नारियल चिटकी,रेवडी, बतासा,मुला,दही आदि का प्रत्येक बट पर अर्थात इक्कीस इक्कीस प्रसाद अर्पित तिलक लगाकर दीपक प्रज्वलित कर बिना हाथ लगाए प्रसाद ग्रहण करने की परम्परा का आज भी निर्वहन करते हैं।

 

जैसलमेर स्थित सोनार किले में लक्ष्मी नाथ जी के मंदिर के पास ब्रह्मा दादा ने जीवित समाधि ली थी। उस समय उनका शरीर जमीन में चला गया।लेकिन सिर पर रखी गयी चोटी(शिखा) बाहर रह गई थी। उसको प्रतिक मानकर प्रत्येक पुष्करणा समाज की आचार्य जाति बंधु उनका पूजन माघ शुक्ल सप्तमी तिथि के दिन करते हैं।