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हैलो बीकानेर न्यूज़ नेटवर्क, www.hellobikaner.com,                 बीकानेर।  बीकानेर शहर के महत्व और पर्यटन क्षमता को देखते हुये रेलवे द्वारा यहाँ यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिये अनेक कार्य किये जा रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

बीकानेर शहर में सुगम रेल सुविधाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिये भविष्यगामी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की तैयारी की गई है। इसी क्रम में बीकानेर स्टेशन को आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ‘‘अमृत भारत स्टेशन’’ के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय कला, हैरिटेज और आधुनिकता का समावेश किया जाएगा।

 

 

 

 

स्टेशन पर भूतल व 9 मंजिला बिल्डिंग का निर्माण किया जायेगा, जिसमें 3 मंजिल पर यात्री सुविधाएं विकसित की जायेगी तथा अन्य मंजिलों को वाणिज्यिक गतिविधियों के लिये उपयोग में लिया जायेगा। स्टेशन को शहर के प्रमुख केन्द्र के रूप में विकसित किये जाने का प्रावधान है, ताकि यहाँ आने वाले पर्यटक और स्थानीय नागरिकों को विशेष अनुभूति मिल सके।

 

 

 

 

बीकानेर स्टेशन के पुर्नविकास से संबंधित प्रमुख तथ्य

-स्टेशन पर भूतल व 9 मंजिला भव्य बिल्डिंग का निर्माण

-3 मंजिल पर यात्री सुविधाएं जिनमें आगमन प्रस्थान लॉबी, वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, रिटायरिंग रूम, फुड कोर्ट, कैफेटिरिया, माड्यूलर टॉयलेट व दिव्यांगजन सुविधाओं का प्रावधान

-7 मंजिल पर वाणिज्यिक गतिविधियों का प्रावधान

बिल्डिंग निर्माण क्षेत्र – 46000 वर्ग मीटर
सर्कुलेटिंग एरिया व पार्किंग – 47000 वर्ग मीटर
वाणिज्यिक गतिविधि क्षेत्र – 24000 वर्ग मीटर

प्रोजेक्ट की लागत – 471 करोड़ रूपये

एयर कॉनकार्स – 98 x 36 मीटर चौड़ाई का विशाल एयर कॉनकार्स (फुड कोर्ट, शॉपिंग कोर्ट, कैफेटेरिया, वेटिंग एरिया, प्ले एरिया इत्यादि)

38 लिफ्ट और 24 एस्केलेटर तथा प्लेटफॉर्म शेल्टर

इको-फ्रेंडली सिस्टम – सोलर पैनल, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, रेन वॉटर हार्वेसिंग

 

 

 

बीकानेर स्टेशन का पुनर्विकास
-स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को वर्ल्ड -क्लास सुविधाओं की अनुभूति
-क्षेत्र के हैरिटेज और आधुनिकता का समावेश
-पुनर्विकास से यात्राएं सुगम होंगी, रेल परिवहन सरल होगा
-रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
-स्टेशन को शहर के प्रमुख केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा जिससे पर्यटक और स्थानीय नागरिको के आकर्षण का केन्द्र बनेगा

 

 

चूरू-रतनगढ़ रेलखण्ड का दोहरीकरण

राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विलक्षण स्थापत्य के साथ धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चूरू-रतनगढ़ के मध्य दोहरीकरण होने के बाद यह रेलमार्ग, राजस्थान, हरियाणा व अन्य उत्तर भारतीय राज्यों के साथ तीव्र रेल संचालन वाला महत्वपूर्ण रेल मार्ग बन जाएगा। दोहरीकरण के कार्य से इस क्षेत्र में व्यापारिक व सामाजिक सम्बन्ध प्रगाढ़ होगे।

 

 

चूरू-रतनगढ़ रेलखण्ड का दोहरीकरण एक नज़र मेः
स्वीकृत वर्ष: 2022-23

रेलखण्ड की लम्बाई: 43 किलोमीटर

परियोजना की कुल अनुमानित लागत: 422 करोड़ रूपये

स्टेशन: चूरू, देपालसर, जुहारपुरा, श्रीमकड़ीनाथ नगर, मोलीसर, रतनगढ़

 

 

 

चूरू-रतनगढ़ रेलमार्ग का दोहरीकरण
-चूरू, रतनगढ़ क्षेत्र का सीकर, बीकानेर, रेवाडी, हिसार व अन्य राज्यों के साथ तीव्र व सुगम सम्पर्क का विस्तार
-क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा और रोज़गार के नये अवसर
-रोजगार व अन्य कार्यों के लिये प्रतिदिन आवागमन करने वालों के लिये तीव्र व सुगम रेल सुविधा
-आसपास स्थापित विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर रेल सुविधा
-बीकानेर संभाग में होने वाले जिप्सम/लाइम स्टोन तथा फुड ग्रेन और फर्टिलाइजर के लदान हेतु सुगम रेल परिवहन
-धार्मिक स्थल सालासर बालाजी आने वाले श्रद्धालुओ की आसान यात्रा के लिये रेल नेटवर्क का विस्तार
-क्षेत्र में सामाजिक व व्यापारिक सम्बंधों को मजबूती
-भारतीय सेना में कार्य कर रहे सैनिकों सहित सभी नागरिकों को आवागमन की सुविधा

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